क्र.
सं. |
गोत्र |
थर(हरू) |
प्रवर सङ्ख्या |
प्रवर(हरू) |
शाखा |
कैफियत |
| १ |
अगस्ति |
ढुङ्गेल |
त्रिप्रवर |
अगस्त्य, दार्ढ्याच्युत, इध्मबाह |
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कतै-कतै प्रवरहरू अगस्ति, जैमिनी, दधिचि पाइन्छ । |
| २ |
अत्रि |
चापागार्इं, वस्ती, मिश्र, खतिवडा, मल्ल, ओझा, अधिकारी, (ठाडा रार्इ) गैातम, डाँगी |
त्रिप्रवर |
अत्रि, अर्चनानस, श्यावाश्व |
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| ३ |
आत्रय |
दुलाल, पैाडेल, थापा (पुवार, खुलाल, बगाले) पानीपोखरेल, कालिकोटे खड्का, अर्ज्याल, गेलेल, सिग्देल, दुवाडी |
त्रिप्रवर |
आत्रेय, अर्चनानस, श्यावाश्व |
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| ४ |
आश्चिरस |
जोशी (सिलार्इं), सेढार्इ |
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| ५ |
उपमन्यु |
मैनाली, ढकाल, बर्तैाला, दैनी, भट्ट (दूवाल) पाँडे, ओली |
त्रिप्रवर |
उपमन्यु, कपिल, विरुज |
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| ६ |
कश्यप |
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त्रिप्रवर |
कस्यप, असित, देवल हो भन्ने पाइन्छ । |
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| ७ |
काश्यप |
शाह, शाही ठकुरी, माझी, घिमिरे, गोदारथापा, गर्तैाला, अधिकारी (भँडारे, खिलचिने र कैावाली) बोगटी, कठायत, बुढाथोकी (सोडारी), पाँडे (सिमलदिया, बडखोरा), छतकुली, बडाल, श्रेष्ठ, लिम्बु, रार्इ, शेर्पा तथा गोत्र तथा थरको पत्ता नभएको र पशुपङ्क्षीको |
त्रिप्रवर |
काश्यप, आवत्सार, नैध्रुव |
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| ८ |
कैाडिन्य |
प्याकुरेल, पनेरू, अचार्ज, सापकोटा, सत्याल, मोरासैनि, पराजुली, बासकोटा, त्रीताल, न्यैापाने, लकार्इ खड्का, (कमलकोठे) थापा (गाम्ले), बञ्जाडे, रावल |
त्रिप्रवर |
कैाडिण्य, वाशिष्ठ, मैत्रावरुणी |
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| ९ |
कैातिन्य |
सापकोटा |
त्रिप्रवर |
कैातिन्य, देवादित्य, हिरण्य |
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सबै सापकोटाको कैाडिन्य गोत्र हो, कैातिन्य गोत्र हुँदैन भन्ने शङ्का छ । |
| १० |
कैाशिक |
रेग्मी, खप्तरी (खड्का), विष्ट, (खपतरी) खपतरीबुढाथोकी, विडारी, फुँयाल, रिमाल, लाम्छाने, खड्का, खपती खड्का, ढुङ्गाना, धिताल, तिवारी, माझी, रायमाझी, दशैालिया, पाठक, खप्तरीबस्नेत, लुँइटेल, पुडासैनी, बाँनिया, रघुवंशी भँडारी, वस्ताकोटी, गैाली |
त्रिप्रवर |
कैाशिक, अघमर्षण, विश्वामित्र
अथवा
कैाशिक, देवरात ओदल |
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| ११ |
कृष्णाञ्जनी |
विष्ट (कमलकोटे) |
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| १२ |
कृष्णात्रि |
खकुरेल |
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| १३ |
कपिल |
पुवार (विष्ट, थापा, खड्का, बोहोरा) दानी क्षेत्री |
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| १४ |
गर्ग |
बास्तोला, गजुरेल, भट्ट, रिसाल, लामिछाने (भट्ट), भुर्तेल, भेटवाल, अचार्ज, लाम्छाने थापा, रोकाहा, चुँडाल, जोशी (झिजार), पालपाली खड्का |
पञ्चप्रवर |
गर्ग, गार्ग्य, गैातम, विश्वामित्र, पाराशर |
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| १५ |
गैातम |
चन्द, त्रिपाठी, दंगाल, गुणी, तिवारी, ढोडारी |
त्रिप्रवर |
गैातम, आङ्गिरस, बार्हस्पत्य |
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| १६ |
घृतकैाशिक |
सुतारकार्की, बराल, पण्डित, खनाल, नेपाल, वर्देवा, आमागार्इं |
द्विप्रवर |
घृतकैाशिक, विश्वामित्र |
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| १७ |
जैमिनि |
घोडासैनी |
त्रिप्रवर |
जैमिनि, उग्र, साँकृति |
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| १८ |
धनञ्जय |
होमेगार्इं, रिजाल, पङेनी, बसेल, कुकुरकाटे, गुरागार्इं, खुलाल बस्नेत, भुसाल, खुलाल बुढाथोकी, गैरीपिप्ली, धमला, पकुवाल, खुलाल कार्की |
त्रिप्रवर |
धनञ्जय, विश्वामित्र, मधुच्छन्द |
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| १९ |
पाराशर |
मरहट्ठा, लामाकार्की, आर्य, धिमाल, पण्डित, कट्टेल, नराल |
त्रिप्रवर |
पाराशर, वशिष्ठ, शक्ति |
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| २० |
भारद्वाज |
चैालागार्इं, सुवेदी, थपलिया, वैदवार क्षेत्री, पन्थि, सिलुवाल, विष्ट (सिजापति), वाग्ले, लोहनी, रजैारिया, चिमैारिया, बुर्लाकोटी, मजगैयाँ, पन्त, अधिकारी (थामी), दूधपोखरेल, शिवाकोटी, देवकोटा, निरैाला, जमरकटेल, खड्का, महाराजिखड्का, कणेल, श्रीपालीबस्नेत, पाँडे (कुलेटा), जोशी (लटैाला), सिटैाला, बोहोरा, महाराजजी थापा, खाँड, सङ्ग्रैाला, खनी, गेलाल |
त्रिप्रवर |
भारद्वाज, आङ्गिरस, वार्हस्पत्य |
माध्यन्दिनी |
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| २१ |
माण्डव्य |
बजगार्इं, ज्ञवाली, पन्थी, मास्के, बजार्इ, कटुवाल |
त्रिप्रवर |
माण्डप, माण्डव्य, विश्वामित्र |
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| २२ |
मैाद्गल्य |
कोइराला, कुइकेल, थापा (कालीकोटे) कार्की, (खुलाल, मुडुला, लामा), उप्रेती, सिंखडा, तिम्सिना, बेल्काणी, तिमल्सेना, बेलबासे |
त्रिप्रवर |
मैाद्गल्य, आङ्गिरस, भार्म्याश्व |
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| २३ |
वत्स |
राणा, लम्साल, कुँवर, दाहाल, रूपाखेती, चैाहान, खराल |
पञ्चप्रवर |
वत्स, और्व, च्यवन, भार्गव, जामदग्नी |
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चैाहानको भृगु गोत्र पनि हुन्छ भनिन्छ । |
| २४ |
वशिष्ठ |
सूयल घर्ती, राउत, भट्टरार्इ, सुयेल थापा, दवाडी, थान्सीङे भण्डारी, सुयल घर्ति, खरेल, चालिसे, मुडवरी, गैरे, फल्लाकोटी पाठक, केशरी, सोती |
त्रिप्रवर |
वशिष्ठ, इन्द्रप्रमद, आभरद्वसु |
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गैरेको कैाडिन्य गोत्र पनि हुन्छ भनिन्छ । |
| २५ |
विश्वामित्र |
भट्ट (अलिना) दुवाडी, निरवंशी, रयाल, रार्इ |
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| २६ |
वाल्मीकि |
नागिला |
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| २७ |
शाण्डिल्य |
काफ्ले, प्रसार्इं, महत, कटुवाल |
पञ्चप्रवर |
शाण्डिल्य, सावर्णी, इसावास्य, मैत्रै, वरुण |
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| त्रिप्रवर |
शाण्डिल्य, असित, देवल |
| २८ |
शैानक |
साही |
त्रिप्रवर |
शैानक, विश्वामित्र, भार्म्याश्व |
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